Tuesday, 3 November 2015

HINDI SMS


लघु संदेश सेवा SMS (Short Message Service)



1.दिल में बसने वालों की कोई सूरत नहीं होती ,
     और सांसों में जो बसते है उनकी कोई मूरत नहीं होती। 
     जो पढ़ लेते है आँखों से ही दिल ऐ बयां,
     उन्हें शब्दों से कुछ भी कहने की जरुरत नहीं होती।

2. मद मस्त आँखों से पिलाया है तुमने मेरे हाथों में अब कोई जाम न दें,
     झूम उठा है मन मेरा पर शराबी का मुझे कोई नाम न दें। 
     डूबे रहने दो तेरे प्यार में मुझे दूसरा कोई काम न दें।
     तेरा प्यार मिला है बड़ी मुद्दत के बाद चोरी का मुझको इल्जाम न दे।

3. वो अक्सर हमें याद करते है क्योकि वो अक्सर हमें भूल जाते है।
     और एक हम है जो उन्हें याद करते ही नहीं,
     क्योकि हम हमेशा उन्हें हमारी यादों के साथ पाते है।

4. दोस्ती की भी अजीब कहानी है,
     एस एम एस लिखो तो परेशानी है ।
     एस एम एस न लिखो तो परेशानी है,
     पर लगता है शायद ये ही दोस्ती की निशानी है।

5. याद हर पल करते है उन्हें पर मेरे बातों का उन्हें इतबार नहीं होता,
     इतबार होता तो उन्हें फ़्रेंडशिप डे का इंतजार नहीं होता ।
     कैसे यकीन दिलाऊँ तुझे मेरे दोस्ती का ऐ दोस्त,
     दोस्ती तो विश्वास है और विश्वास का कोई दिन या वार नहीं होता।

6. हम सच सच बोलकर उन्हें अपना मान गए,
     वो झूठ झूठ बोलकर मेरे दिल के सारे हाल जान गए। 
     फिर भी यकीन नहीं है तुम्हें हम पर,
     ऐ दोस्त आज हम तुम्हें भी पहचान गए।

7. डर लगता है कहीं बुरा न मान जाओ और कहीं बिगड़ न जाएँ बात,
     नहीं पता पाना चाहता हूँ क्या, तेरे मन का या तेरे तन का साथ।
     पर ऐसा लग रहा है एक बार ही सही पर,
     बहुत प्यार करू तुझे ले के मेरे हाथों में तेरा हाथ।

8. न प्यार में सॉरी कहते है न दोस्ती में,
     तो क्या आपने हमें अपना दुश्मन मान लिया। 
     हम तो अपना समझते है सबको,
     और एक मुस्कराहट से भूल जाते है सारी दुश्मनी,
     पर आपकी नजरों में हम क्या है आज हमने जान लिया।

9. सोच रहें होंगें क्यों बेवजह मैं ऐसा कर रहा हूँ। 
     पर सच तो ये है तुमसे प्यार न हो जाएँ इस बात से डर रहा हूँ।     

10.काश आवाज आपकी इतनी प्यारी न होती ।
      काश आपसे बात हमारी न होती ।।
      काश सपनों में ही देख लेते आपको ।
       तो आज तुमसे मिलने की इतनी बेकरारी न होती ।।

11.तुमसे क्या बात करूँ ,
      मेरा हाल तो मैं खुद ही नहीं जानता। 
      सुन लेता हूँ अकसर आवाज तेरी,
      क्योकि तुमसे बिना बात किये ये दिल नहीं मानता।।

12.पल-पल हम याद तुम्हें करते रहें,
      बेचैन होकर आहें भरते रहें।
      सपनों ने भी बना ली हमसे दूरियां,
      रात भर हम यूँ  ही करवटें बदलते रहें।

13. तेरी आवाज से शहद सी मिठास बरसते है। 
      शायद इसलिए हर कोई तुमसे दोस्ती के लिए तरसते है।

14.हमसे हुई है क्या खता,
      जो दे रही हो इतनी बड़ी सजा।
      गुस्सा छोड़ दे अब और न सता,
      मान जा और अब अपना नाम बता।

15. तुम कुछ खोकर बहुत कुछ पा सकते हो,
      मैं कुछ पा कर बहुत कुछ खो सकता हूँ। 
      बहुत सोचने के बाद पता चला ऐ दोस्त,
      की न तुम मेरे हो सकते हो, और न मैं तेरा हो सकता हूँ। 
      फिर क्यों इतना लगाव है इतना चाह है,
      जबकि दोनों की मंजिल अलग है दोनों की अलग राह है। 

16.तेरी दोस्ती का असर है या तेरे प्यार का असर है, 
      जो दिल इतना व्याकुल है इतना बेसबर है। 
      तुझमे मैं हूँ मुझमे तू है फिर भी एक अंतर है,
      क्योकि हम दोनों के मन में वहम का घर है। 
      तुम्हे कुछ होने का डर है।
      और मुझे कुछ खोने का डर है। 

17.मैं मजबूर हूँ या तेरी कोई मजबूरी,
      जो अब तक है हममें ये दुरी। 
      न जाने कब होगी हमारी ख्वाहिशें पूरी,
      इंतजार में कहीं रह न जाये हमारी हसरतें अधूरी।

18.न जाने क्यों दूर होते हुए पास आने लगे है,
      न जाने क्यों तुम पर अपना हक़ जताने लगे है। 
      ये दिल की आवाज है या है कोई भ्रम नहीं पता,
      पर न जाने क्यों अच्छा सा एक सपना सजाने लगे है। 

19. ऐ दोस्त तुमने मुझे नहीं जाना है,
      मेरी नियत अच्छी नहीं न जाने कैसे माना है। 
      काश तुम्हें एहसास होता मेरे जज्बातों का,
      तब पता चलता तुम्हें, मेरा इरादा तो रिश्तों के वादे निभाना है। 

20.तेरे साथ कुछ सपने सजाने का मन करता है,
      कुछ खोने का कुछ पाने का मन करता है। 
      मोल लगा नहीं सकता तेरे हुश्न का पर सच तो ये है,
      हर कीमत पर तेरे साथ कुछ पल बिताने का मन करता है।

21.अकसर खामोश रह कर ही सब कुछ सच कहती हो,
      पर हमने तेरे बातों को सच मान लिया।
      अब किस अधिकार से तुमसे बात करूँ,
      जबकि हकीकत क्या है मैंने जान लिया।  

22.अब मुझे और क्या बताना चाहते हो,
      तोड़ कर सारे रिश्ते कौन सा रिश्ता निभाना चाहते हो। 

23.आखिर कब तक करूँगा इंतज़ार। 
      बता दो तुमसे दोस्ती करूँ की प्यार। 

24. मैं तुम्हे प्यार करूँ इस पर न कोई जोर है,
      तुम मुझे प्यार करो इस पर न कोई जोर है। 
      पर नजरे मिला कर एक बार कह तो दो,
      की तेरे दिल में मैं नहीं कोई और है।

25.ये कैसा प्यार है ये कैसा चाह है,
      न मुझे तेरी ख़ुशी की चाह है। 
      न तुम्हें मेरी ख़ुशी की परवाह है,
      लगता है दोनों की मंजिल और दोनों की अलग राह है।

26.तुमने कितना समय लगा दिया मुझे आजमाने में
      हमने भी कितना समय गँवा दिया तुम्हे पाने में। 
      ठीक ही किया की तुमने शर्त लगा दी
      वरना कितना समय बीत जाता तुम्हे मनाने में।  
      तुमसे जीतने की कोशिश में ही सही,
      अब आसानी होगी मेरे लिए तुम्हे भुलाने में।

27.तुमने कितना समय लगा दिया मुझे आजमाने में,
      हमने भी कितना समय गँवा दिया तुम्हे पाने में।
      ठीक ही किया की तुमने भुला दिया था मुझे,
      और मैं भी भूल चला था तुम्हें न पा ने के बहाने में।

28.दूर होकर मेरे बिन कैसे रह जाती हो,
      जुदाई का दर्द कैसे सह जाती हो ।
      कितना चालक हो तुम जो चुप रह कर,
      दिल ए बया आँखों से कह जाती हो ।

29. तुमने मुझे भुला दिया पर अब भी मैं तुम्हे याद करता हूँ,
      तेरी सादगी पर अब भी मरता हूँ ।
      तुझे कैसे यकीन दिलाऊ ए दोस्त,
      दिलो जान से भी ज्यादा तुझसे अब भी मैं प्यार करता हूँ ।

30.अब तो हर पल तेरे कॉल का इंतजार है,
      हर पल तेरी आवाज़ सुनने को दिल बेक़रार है ।
      फिर कैसे भूल जाऊं तुझे,
      जब तुमने ही कहा था मुझे तुमसे प्यार है ।

31. कब तक दूरी बर्दाश्त करू कब तक दिल जुदाई का दर्द सहेगा ।
      मिलने की उम्मीद कम है तब भी मुझे हर पल तेरा इंतजार रहता है,
      मन करता है कह दू तुम्हे मेरे दिल की हसरत
      पर डर लगता है की तुम क्या कहोगी ये दुनिया क्या कहेगा ।

32.कभी कभी तेरा रूठना भी एक अदा बन जाती है ,
      अनजाने में ही सही सबसे अनोखी और सबसे जुदा बन जाती है।
      तुमसे मैं यु ही प्यार नहीं करता,
      मैंने सुना है इसी तरह तो मोहब्बत खुदा बन जाती है ।

33. हर बात मेरी तेरे दिल को लगती है क्या इतना अच्छा मेरा निशाना है,
      मुझसे बात न करने का या ये सिर्फ फ़ोन काटने का बहाना है ।
      मैंने तो यु ही शरारत क्या था अपना समझ कर,
      मुझे क्या पता था कि अब भी तू मेरा नहीं बेगाना है ।

34.तुम पर मुझे विश्वास है अपने आप पर विश्वास कैसे करूँ,
      अकसर निराशा से हुआ है सामने तो किसी को पाने की आस कैसे करूँ।
      हमने कर दिया है इसीलिए सब कुछ तक़दीर के हवाले,
      अब ऊपर वाले ने मेरी तक़दीर ही ऐसी बनाई है तो मैं क्या करूँ।

35.मेरा फ़ोन काट देती हो किसी और के फ़ोन आने पर
      टाल देती हो बात को अक्सर पूछे जाने पर
      मैं जानते हुए भी कुछ नहीं कहता तेरा आशिक जो ठहरा,
      सब कुछ भूल जाता हूँ सिर्फ तेरे एक मुस्कुराने पर

36.तेरी आवाज़ इतनी अच्छी है कि तेरी हर बात प्यारी लगती है
      तेरी अदा भी सारे जहाँ से न्यारी लगती है
      मैं क्या हूँ तेरी नज़र में तुम जानो
      पर मेरी नजर में तू तो जान हमारी लगती है 

37.अब तो दे दो मेरे हाथों में तेरा हाथ की प्यार का इकरार करूँ
      अब तो आ जाओ मेरे बाँहों मे तुझे जी भर कर प्यार करूँ

38.तेरे साथ कुछ सपने सजाने का मन करता है,
      कुछ खोने का कुछ पाने का मन करता है। 
      कभी हो नहीं सकता ये शायद,
      फिर भी तेरे साथ कुछ पल बिताने का मन करता है।

39.मैंने रख दिया अपना दिल तेरे हाथों में निकाल कर,
      और तुमने साबित कर दिया मेरा नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल कर ।
      की अब तक तू भूल नहीं पाई है मुझे,
      और अब तक तुमने भी रखा है अपना दिल संभाल कर।

 40. जवानी में अकसर सब ही प्यार के सुहाने गीत गाते है,
      जब दिल टूटता है तो अकसर अपने आपको तन्हा ही पाते है। 
      और भूलने की कोशिश में अकसर सदियाँ बीत जाते है,
      वो लैला बन जाती है तो प्यार के चक्कर में अकसर मजनू पिट जाते है। 

41.ठीक ही किया तुमने जो हमसे रिश्ता तोड़ लिया,
      ठीक ही किया तुमने जो हमसे मुँह मोड़ लिया। 
      वरना पता नहीं कब तेरे साथ रहने की कसमे खा लेता,
      ठीक ही किया तुमने जो हमें तनहा छोड़ दिया।

42.छोड़ दो दामन मेरा मैं कोई ख़ास नहीं,
      झूठ फरेब से है वास्ता मेरा मैं कोई विश्वास नहीं। 
      मुझे अपना बनाने की कोशिश न कर ऐ दोस्त,
     खुशबू बन महका जाऊंगा जीवन को पर मिलने कोई आस नहीं। 

43.न जाने आज क्यों है मेरा दिल इतना बेक़रार। 
     न जाने आज क्यों देख रहा हूँ मोबाइल को बार बार। 
     न जाने आज क्यों थम सा गया है समय।
     न जाने आज क्यों कर रहा हूँ मैं उनके कॉल का इंतजार। 

44.तुम्हे भूलने की कोशिश में हर वक्त तुम ही तुम याद आने लगे।
     मन को बहुत सम्भाला हमने पर कमबख्त आँखे आंसू बहने लगे।
     दोस्तों ने कई बार पूछा - क्या हुआ ?
    सच कह न पाये हम उनसे और हर वक्त उनसे नज़ारे चुराने लगे। 

45. तुम्हे भूलने की कोशिश में हर वक्त तुम याद आने लगे।
      हर पल तुम्हें पाने के ही सपने सजाने लगे।
      तुमसे जुदा होकर मैं तो कब का मर गया होता,
      वो तो तेरा प्यार था मुझे जिन्दा रखने के जो लिए मेरे दिल को धड़कने लगे।

46.तुम्हे भूलने की कोशिश में हर वक्त तुम ही तुम याद आये।
     अब तो आलम ये है कि तेरे सिवा एक पल भी रहा न जाये।
     अजीब सी बेचैनी है अजीब सा हाल है जो किसी को कहा न जाये।
     आकर अब तो गले लगा ले मुझे जुदाई का दर्द अब तो मुझसे सहा न जाये। 

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गोकुल कुमार पटेल

(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l)



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