Tuesday, 14 March 2017

होली मनाओ सब मिल जुल

"होली मनाओ सब मिल जुल"
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होली के पावन पर्व पर मेरी भी लाईने है चंद,
लाईनों में आपके लिए, मेरी शुभकामनाएं है बंद।
बंद है पैकेटों में जैसे अबीर गुलाल और रंग,
रंग में मिला कर भेज रहा हूँ प्यार का सुगंध।
सुगंध जब फैलेगी हवा के साथ उड-उड बहार में,
बहार झूम उठेगा होली के इस रंग-बिरंगी त्यौहार में।
त्यौहार से खुशियां ही खुशियां आए आपके परिवार में।
परिवार ढेर सारा पकवान, गुजिया और मिठाई बनाए,
पकवान, गुजिया और मिठाई खाएं, खाकर जश्न मनाएं ।
जश्न मनाएं रंग लगाए, रंग लगाए नीला, पीला, लाल,
पीला, लाल हो जाएं औऱ साथ में रखे प्रकृति का ख्याल।
प्रकृति का हमेशा ख्याल रखो, न जाना भुल, कहे गोकुल,
खूब धूम मचाओ, रंग जमाओ, होली मनाओ सब मिल जुल।

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गोकुल कुमार पटेल

(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में ।)
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