Tuesday, 1 January 2013

स्वयं शक्ति की पुकार


स्वयं शक्ति की पुकार

                                

स्वयं शक्ति को पहचान, स्वयं शक्ति को जान l 2 l
स्वयं शक्ति को जान, स्वयं शक्ति को पहचान ll
फासले तब मिट जायेंगें, राहें आसन होंगी l 2 l
तू कदम तो बढ़ा, तू कदम तो बढ़ा ll
तू कदम तो बढ़ा, चल बिन उंगली थाम l
हौसला बुलंद कर, कर समाज का उत्थान ll2 ll
स्वयं शक्ति......................................................पहचान ll

मुठ्ठी में ही तेरे, सारी दुनिया है समाये l 2 l
क्यों ये बात तुझको, समझ न आयें ll
तू खुद विराट बन, तू खुद विराट बन l
तू खुद विराट बन, सर न झुका ll 2 ll
सर न झुका, उठ खड़ा हो सीना तान l
हौसला बुलंद कर, कर समाज का उत्थान ll
स्वयं शक्ति......................................................पहचान ll

मन में विश्वास जगा, तू ये प्रण ले l 2 l
डरेगा न तु, जीवन मरण से ll
भागेगा न तु, जीवन के रण से l
तु शस्त्र बन, तु ब्रम्हा अस्त्र बन ll2 ll
तु ब्रम्हा अस्त्र बन, झुका दे आसमान l
हौसला बुलंद कर, कर समाज का उत्थान ll
स्वयं शक्ति.................................................पहचान ll


तुझमें आत्म शक्ति है, तुझमें अटूट भक्ति हैं l
तुझमें अटूट भक्ति हैं, तुझमें आत्म शक्ति है l l
तन मन को तू साध, तू साधना कर l
क्रिया योग से, गुरु संयोग से l
हो समर्पित, तू आराधना कर l l
देवताओं को विवश कर, देवताओं को विवश कर,
देवताओं को विवश कर, करा दे अपना गुणगान l
हौसला बुलंद कर, कर समाज का उत्थान l l
स्वयं शक्ति....................................................पहचान l l



 (इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l)

गोकुल कुमार पटेल
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