Saturday, 23 June 2012

कली











कली

ऐ कली ठहर जरा, 
अभी सबेरा हुआ नहीं,
आंसमा की चादर ओढ़े सूरज सो रहा है,
भोर गीत गाकर,
किसी ने अब तक उसे जगाया नहीं l ऐ कली ……
अँधेरा भी जग रहा है, 
चाँद तारे भी जग रहे है,
झींगुर भी सिटी बजाकर रखवाली तेरी कर रहा है,
जग रहा है उल्लू अभी, 
जम्हाई उसे भी आया नहीं l ऐ कली ……
प्रहर करवट बदल रहा है, 
ब्रहम मुहूर्त अभी आया नहीं,
पक्षियों ने अभी चहचहया नहीं, 
पंख अपना फडफडया नहीं,
खिल गया अगर तू अभी, 
पंखुड़ी तेरे झुलस जायेगें
शीतल, मधुर, ठंडी पवन,
पूरब ने अभी बहाया नहीं l ऐ कली ……
बिखर जायेगें फिर खुशबू तेरे,
तितली भी पास नहीं आयेगा, 
भौंरा मौन हो जायेगा,
मधुर गीत फिर कोई गुनगुनाएगा नहीं ऐ कली ……


(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, 
आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l)


BUD

Hey, wait a minute bud,
Not yet dawn,
Linen cloth of the sky the sun is sleeping,
Dawn singing,
Not yet woken up to a
Hey, wait a minute bud,
Not yet dawn,

The world is dark;
Stars are the moon is awakened,
Protect the whistle for your beetle is
Owl is still awake,
He was not yawning
Hey, wait a minute bud,
Not yet dawn,

time side changing
dawn moment was still not
twitter not just birds,
Feather your Wings spread not
If you still were blooming;
You will be leaving scorched petals
Soft, sweet, cold wind,
East had not yet shed
Hey, wait a minute bud,
Not yet dawn,

Scatter the fragrance, you will be leaving,
Butterfly will not get too close;
Bumblebee will be silent;
No one will sing the sweetest song
Hey, wait a minute bud,
Not yet dawn,

(These guides can be composition your response to me, i am waiting for your response )


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