Thursday, 2 February 2012

भगवान


भगवान

दुनियां में सबसे बड़ी उसकी हसती है l
सबके दिलो में भी वो बसती है l
सब हीरे मोती से उसे जड़ते है l
हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई,
उसी के लिए लड़ते है l
जिसका न कोई आकार है ,
न कोई प्रकार है l
वो तो सर्वव्यापी,
निराधार और निराकार है l
उसकी सब जगह,
अलग अलग पहचान है l
पर वो तो एक,
और सिर्फ एक भगवान है l

(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, 
आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l)

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