Wednesday, 18 January 2012

प्रदुषण


                                    प्रदुषण

ये प्रदुषण के,
बिषैले नाग,
फैले हुए है वातावरण में l

        करोड़ों लोग जी रहे है,
        मर रहे है,
                                            इसी प्रदुषण भरे पर्यावरण में l

इस बिषैले जहर से, 
दुनियां को बचाना है,
तो आज से इन्सान को अपना फर्ज निभाना है l

        है अगर शिक्षित इन्सान, 
        तो आज से ही पेड़ लगाने की ठान,
        पेड़ पौधों की रक्षा कर, इसको दे मान l

प्रदुषण से बचने का,  
यही है सरल तरीका,
और यही है प्रदुषण का समाधान l

(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक बन सकती है, 
आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l)

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