Tuesday, 6 December 2011

गुरूजी हमें ये सिखाते


गुरूजी हमें ये सिखाते

नहा धोकर जब स्कुल जाते,
गुरूजी हमें ये सिखाते l
सदाचारी का पाठ पढ़ाकर,
बड़ो को नमस्कार करवाते l
कहते रोज तुम पढ़ने आना,
घर से पाठ रोज करके लाना l
अ, आ, इ, एक, दो, तीन,
हर रात का होता दिन l
जोड़, घटाव, गुणन और भाग,
सोया हुआ मनुष्य अब तो जाग l
हिंदी, गणित और विज्ञान,
तुमसे से बनेगा देश महान l
तुम सब हो होनहार छात्र,
भविष्य के प्रेरणा का पात्र l
पुस्तक में है देखो चित्र प्यारा,
जैसे भारत देश हमारा l
तिरंगा जब वो है फहराते,
भारत माता की जय करवाते l
गुरूजी हमें ये सिखाते,
गुरूजी हमें ये सिखाते l


(इन रचनाओ पर आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए मार्गदर्शक  बन सकती है,
 आप की प्रतिक्रिया के इंतजार में l )
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